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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन
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अध्याय 13: भावी मनुओं का वर्णन
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श्लोक 18
श्लोक
8.13.18
नवमो दक्षसावर्णिर्मनुर्वरुणसम्भव: ।
भूतकेतुर्दीप्तकेतुरित्याद्यास्तत्सुता नृप ॥ १८ ॥
अनुवाद
हे राजन्! नवम मनु दक्ष-सावर्णि वरुण के पुत्र होंगे। उनके पुत्र भूतकेतु, दीप्तकेतु इत्यादि होंगे।
O King! The ninth Manu will be Dakshasavarni who will be the son of Varuna. Bhutketu, Diptketu etc. will be his sons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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