श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 13: भावी मनुओं का वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.13.17 
देवगुह्यात्सरस्वत्यां सार्वभौम इति प्रभु: ।
स्थानं पुरन्दराद्‌धृत्वा बलये दास्यतीश्वर: ॥ १७ ॥
 
 
अनुवाद
आठवें मन्वंतर में परम शक्तिशाली भगवान सर्वभौम अवतार लेंगे। उनके पिता का नाम देवगुह्य होगा और माता का नाम सरस्वती होगा। वे इंद्र से राज्य छीनकर उसे बलि महाराज को सौप देंगे।
 
In the eighth Manvantara, the very powerful Lord Sarvabhauma will be born. His father will be Devaguhya and mother will be Saraswati. He will take away the kingdom from Purandara (Indra) and give it to Bali Maharaja.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)