Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.12.18: उसके बाद शिवजी ने आसपास के एक सुंदर जंगल में, जो गुलाबी पत्तियों और विविधताओं से भरा था, एक सुंदर स्त्री को गेंद से खेलते हुए देखा। उसकी कमर चमचमाती साड़ी से ढकी हुई थी और एक बेल्ट से सुशोभित थी। | bhagavat अध्याय 8.12: मोहिनी-मूर्ति अवतार पर शिवजी का मोहित होना । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो ददर्शोपवने वरस्त्रियंविचित्रपुष्पारुणपल्लवद्रुमे ।
विक्रीडतीं कन्दुकलीलया लसद्-दुकूलपर्यस्तनितम्बमेखलाम् ॥ १८ ॥
अनुवाद
उसके बाद शिवजी ने आसपास के एक सुंदर जंगल में, जो गुलाबी पत्तियों और विविधताओं से भरा था, एक सुंदर स्त्री को गेंद से खेलते हुए देखा। उसकी कमर चमचमाती साड़ी से ढकी हुई थी और एक बेल्ट से सुशोभित थी।
Then Shiva saw a beautiful woman playing with a ball in a nearby beautiful forest full of pink leaves and strange flowers. Her hips were covered with a shining sari and adorned with a girdle.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥