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bhagavat 8.11.28: हे राजा परीक्षित! राजा इंद्र ने बल और पाक नाम के असुरों के सिर उनके परिजनों और समर्थकों की उपस्थिति में अपने वज्र से काट दिए। ऐसा करके उन्होंने युद्धस्थल पर बहुत ही डरावना माहौल बना दिया।   |   bhagavat अध्याय 8.11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  8.11.28 
स तेनैवाष्टधारेण शिरसी बलपाकयो: ।
ज्ञातीनां पश्यतां राजञ्जहार जनयन्भयम् ॥ २८ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजा परीक्षित! राजा इंद्र ने बल और पाक नाम के असुरों के सिर उनके परिजनों और समर्थकों की उपस्थिति में अपने वज्र से काट दिए। ऐसा करके उन्होंने युद्धस्थल पर बहुत ही डरावना माहौल बना दिया।
 
O King Parikshit! King Indra cut off the heads of both the demons Bala and Paka with his thunderbolt in the presence of their relatives and followers. In this way he created a very fearful atmosphere in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)