Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.11.13: जब जम्भासुर ने देखा कि उसका मित्र बलि गिर गया है, तो वह उसके शत्रु इन्द्र के सामने आया, जैसे कि वह बलि महाराज की सेवा करने के लिए बड़ी मित्रतापूर्ण भाव से आया हो। | bhagavat अध्याय 8.11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब जम्भासुर ने देखा कि उसका मित्र बलि गिर गया है, तो वह उसके शत्रु इन्द्र के सामने आया, जैसे कि वह बलि महाराज की सेवा करने के लिए बड़ी मित्रतापूर्ण भाव से आया हो।
When Jambhasura saw that his friend Bali had fallen, he appeared before his enemy Indra as if he had come to serve Bali Maharaja in friendly conduct.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥