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bhagavat 8.1.23: हे राजन! तीसरे मनु, उत्तम, राजा प्रियव्रत के पुत्र थे। इस मनु के पुत्रों में पवन, सृञ्जय और यज्ञहोत्र प्रमुख थे।   |   bhagavat अध्याय 8.1: ब्रह्माण्ड के प्रशासक मनु   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 1: ब्रह्माण्ड के प्रशासक मनु  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.1.23 
तृतीय उत्तमो नाम प्रियव्रतसुतो मनु: ।
पवन: सृञ्जयो यज्ञहोत्राद्यास्तत्सुता नृप ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तीसरे मनु, उत्तम, राजा प्रियव्रत के पुत्र थे। इस मनु के पुत्रों में पवन, सृञ्जय और यज्ञहोत्र प्रमुख थे।
 
O King! The third Manu was Uttam, the son of King Priyavrata. Among the sons of this Manu, Pawan, Srinjaya and Yajnahotra were the main ones.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)