मान्वन्तरम् मनुर देवा
मनु पुत्राः सुरेश्वरः
ऋषयों अम्शावताराश्च
हरेः षड् विधं उच्यते
परमेश्वर के कई अवतार हैं। मनु, मनु पुत्रा (मनु के पुत्र), स्वर्गीय ग्रहों के राजा और सात महान ऋषि सभी परमेश्वर के आंशिक अवतार हैं। स्वंयभुव मनु के शासनकाल के दौरान स्वयं मनु, उनके पुत्र प्रियव्रत और उत्तमपाद, दक्ष द्वारा निर्मित देवता और मरीच जैसे ऋषि सभी भगवान के आंशिक अवतार थे। उस समय, यज्ञ के रूप में भगवान के अवतार ने स्वर्गीय ग्रहों पर शासन करने का कार्यभार संभाला था। अगला मनु स्वारोचिष था। मनु, ऋषियों और देवताओं का वर्णन आगे के ग्यारह छंदों में किया गया है।
