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श्लोक 8.1.19  |
स्वारोचिषो द्वितीयस्तु मनुरग्ने: सुतोऽभवत् ।
द्युमत्सुषेणरोचिष्मत्प्रमुखास्तस्य चात्मजा: ॥ १९ ॥ |
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| अनुवाद |
| अग्नि का पुत्र स्वारोचिष दूसरा मनु हुआ। उसके अनेक पुत्रों में से द्युमत, सुषेण तथा रोचिष्मत् प्रमुख थे। |
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| अग्नि का पुत्र स्वारोचिष दूसरा मनु हुआ। उसके अनेक पुत्रों में से द्युमत, सुषेण तथा रोचिष्मत् प्रमुख थे। |
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