"हे प्रभु विष्णु, छ: ऐश्वर्यों से युक्त हे आप सर्वश्रेष्ठ भोक्ता एवं सर्वशक्तिमान हैं। हे माता लक्ष्मी के पति! मैं विश्वक्सेन जैसे सहायकों से घिरे हुए आपको सादर प्रणाम करता हूँ। मैं आपको सभी पूजा सामग्री अर्पित करता हूँ।" मनुष्य को चाहिए कि प्रतिदिन अत्यंत ध्यान से भगवान विष्णु की पूजा करे, उनके हाथ, पैर और मुंह धोने के लिए पानी और स्नान के लिए जल जैसी पूजा सामग्रियों का उपयोग करे और स्वयं को उनके समर्पित कर दें। उसे चाहिए कि उन्हें वस्त्र, यज्ञोपवीत, आभूषण, सुगंध, फूल, अगरबत्ती और दीपक अर्पित करे।
“O Lord Vishnu, endowed with the six opulences! You are the best enjoyer and the all-powerful. O husband of mother Lakshmi! I offer my respectful obeisances unto You, who is in the company of associates like Visvaksena. I offer You all the articles of worship.” One should recite this mantra daily while worshipping Lord Vishnu with utmost devotion, such as water for washing His hands, feet and face, and for bathing. He should offer Him clothes, sacred thread, ornaments, perfume, flowers, aguru and a lamp.
तात्पर्य
यह मंत्र बहुत महत्वपूर्ण है। देव पूजा में संलग्न किसी भी व्यक्ति को यह मंत्र जप करना चाहिए जैसा कि ऊपर उद्धृत किया गया है। ॐ नमो भगवते महा-पुरुषाय से शुरू करें।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥