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श्लोक 6.19.21  |
एतेन पूजाविधिना मासान् द्वादश हायनम् ।
नीत्वाथोपरमेत्साध्वी कार्तिके चरमेऽहनि ॥ २१ ॥ |
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| अनुवाद |
| साध्वी पत्नी को चाहिए कि इस भक्तिमय सेवा को एक वर्ष तक लगातार करे। जब एक वर्ष बीत जाए तो उसे कार्तिक महीने (अक्टूबर-नवंबर) की पूर्णिमा को उपवास करना चाहिए। |
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| साध्वी पत्नी को चाहिए कि इस भक्तिमय सेवा को एक वर्ष तक लगातार करे। जब एक वर्ष बीत जाए तो उसे कार्तिक महीने (अक्टूबर-नवंबर) की पूर्णिमा को उपवास करना चाहिए। |
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