Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.18.70: मैंने केवल एक बेटा माँगा था, पर मैं देखती हूँ कि यहाँ उनचास हैं। यह कैसे हो गया? मेरे प्यारे बेटे इंद्र, अगर तुम जानते हो तो मुझे सच बताओ। झूठ बोलने की कोशिश मत करना। | bhagavat अध्याय 6.18: राजा इन्द्र का वध करने के लिए दिति का व्रत । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक: सङ्कल्पित: पुत्र: सप्त सप्ताभवन् कथम् ।
यदि ते विदितं पुत्र सत्यं कथय मा मृषा ॥ ७० ॥
अनुवाद
मैंने केवल एक बेटा माँगा था, पर मैं देखती हूँ कि यहाँ उनचास हैं। यह कैसे हो गया? मेरे प्यारे बेटे इंद्र, अगर तुम जानते हो तो मुझे सच बताओ। झूठ बोलने की कोशिश मत करना।
I had prayed for only one son, but I see that there are forty-nine. How is this possible? My son Indra! If you know, then tell me the truth. Do not try to lie.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥