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श्लोक 6.18.7  |
पौलोम्यामिन्द्र आधत्त त्रीन् पुत्रानिति न: श्रुतम् ।
जयन्तमृषभं तात तृतीयं मीढुषं प्रभु: ॥ ७ ॥ |
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| अनुवाद |
| हे राजा परीक्षित! स्वर्गलोक के राजा और अदिति के ग्यारहवें पुत्र इन्द्र की पत्नी पौलोमी के गर्भ से जयन्त, ऋषभ और मीढुष नाम के तीन पुत्र हुए। ऐसा हमने सुना है। |
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| हे राजा परीक्षित! स्वर्गलोक के राजा और अदिति के ग्यारहवें पुत्र इन्द्र की पत्नी पौलोमी के गर्भ से जयन्त, ऋषभ और मीढुष नाम के तीन पुत्र हुए। ऐसा हमने सुना है। |
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