भारत-भूमि में हैला मनुष्य-जनम यारा
जनम सार्थक करि' कर पर-उपकार
भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति, विशेषकर अगर यह जन्म मानव-जन्म है, वेदों और उनके व्यावहारिक उपयोग द्वारा उच्चतम सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। जब कोई आदर्श हो जाता है, तो वह समस्त मानव-समाज के आत्म-साक्षात्कार के लिए सेवा कर सकता है। मानवीय कार्य करने के लिए यही सर्वश्रेष्ठ तरीका है।
