| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य » अध्याय 14: राजा चित्रकेतु का शोक » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 6.14.13  | न तस्य सम्पद: सर्वा महिष्यो वामलोचना: ।
सार्वभौमस्य भूश्चेयमभवन्प्रीतिहेतव: ॥ १३ ॥ | | | | | | अनुवाद | | उसकी सभी रानियाँ सुंदर चेहरे और आकर्षक आँखों वाली थीं, पर न तो उसका ऐश्वर्य, न सैकड़ों-हजारों रानियाँ, और न वो ज़मीन जिसका वो सर्वोच्च स्वामी था, उसे ख़ुश कर सकते थे। | | | | उसकी सभी रानियाँ सुंदर चेहरे और आकर्षक आँखों वाली थीं, पर न तो उसका ऐश्वर्य, न सैकड़ों-हजारों रानियाँ, और न वो ज़मीन जिसका वो सर्वोच्च स्वामी था, उसे ख़ुश कर सकते थे। | | ✨ ai-generated | | |
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