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श्लोक 6.11.7  |
तेन देवगणा: सर्वे वृत्रविस्फोटनेन वै ।
निपेतुर्मूर्च्छिता भूमौ यथैवाशनिना हता: ॥ ७ ॥ |
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| अनुवाद |
| जब समस्त देवों ने वृत्रासुर की सिंह के समान भयानक गर्जना सुनी तो वे सभी बेहोश होकर पृथ्वी पर गिर पड़े, मानो उन सभी पर वज्रपात हुआ हो। |
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| जब समस्त देवों ने वृत्रासुर की सिंह के समान भयानक गर्जना सुनी तो वे सभी बेहोश होकर पृथ्वी पर गिर पड़े, मानो उन सभी पर वज्रपात हुआ हो। |
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