यः तु नारायणं देवम्
ब्रह्म-रुद्रादि-दैवतैः
समत्वेनेव वीक्षेत
स पाषंडी भवेद् ध्रुवम्
हालांकि यह निषिद्ध है, वहाँ कई पाषंडी हैं जो दरिद्र-नारायण और स्वामी-नारायण जैसे शब्द गढ़ते हैं, हालाँकि ब्रह्मा और शिव जैसे देवता भी नारायण के समान नहीं हो सकते हैं।
