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श्लोक 4.1.64  |
तेभ्यो दधार कन्ये द्वे वयुनां धारिणीं स्वधा ।
उभे ते ब्रह्मवादिन्यौ ज्ञानविज्ञानपारगे ॥ ६४ ॥ |
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| अनुवाद |
| पितरों को अर्पित स्वधा से वयुना और धारिणी नाम की दो कन्याएँ उत्पन्न हुईं। वे दोनों ब्रह्मज्ञानी थीं और दिव्य तथा वैदिक ज्ञान में निपुण थीं। |
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| पितरों को अर्पित स्वधा से वयुना और धारिणी नाम की दो कन्याएँ उत्पन्न हुईं। वे दोनों ब्रह्मज्ञानी थीं और दिव्य तथा वैदिक ज्ञान में निपुण थीं। |
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