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bhagavat 4.1.48: दक्ष ने अपनी पत्नी प्रसूति से सोलह कमल के समान सुंदर आँखोंवाली कन्याओं को जन्म दिया। इन सोलह कन्याओं में से तेरह का विवाह धर्म से और एक का विवाह अग्नि से करवाया गया।   |   bhagavat अध्याय 4.1: मनु की पुत्रियों की वंशावली   ।   bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 1: मनु की पुत्रियों की वंशावली  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  4.1.48 
तस्यां ससर्ज दुहितृ: षोडशामललोचना: ।
त्रयोदशादाद्धर्माय तथैकामग्नये विभु: ॥ ४८ ॥
 
 
अनुवाद
दक्ष ने अपनी पत्नी प्रसूति से सोलह कमल के समान सुंदर आँखोंवाली कन्याओं को जन्म दिया। इन सोलह कन्याओं में से तेरह का विवाह धर्म से और एक का विवाह अग्नि से करवाया गया।
 
Daksha produced sixteen beautiful daughters with lotus-eyed eyes from his wife Prasuti. Out of these sixteen daughters, thirteen were given to Dharma and one to Agni as wives.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)