श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 1: मनु की पुत्रियों की वंशावली  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  4.1.38 
पुलहस्य गतिर्भार्या त्रीनसूत सती सुतान् ।
कर्मश्रेष्ठं वरीयांसं सहिष्णुं च महामते ॥ ३८ ॥
 
 
अनुवाद
ऋषि पुलह की पत्नी गति ने तीन पुत्रों को जन्म दिया, जिनके नाम क्रमशः कर्मश्रेष्ठ, वरीयान और सहिष्णु थे। ये तीनों ही महान साधु थे।
 
Pulah Rishi's wife Gati gave birth to three sons, whose names were - Karmashreshtha, Variyaan and Tolerant. All of them were great sages.
तात्पर्य
करदम मुनि की पांचवी पुत्री, पुलह की पत्नी गति, अपने पति के प्रति बहुत निष्ठावान थी और उनके सभी पुत्र अपने पिता की तरह ही अच्छे थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)