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श्लोक 4.1.37  |
तस्य यक्षपतिर्देव: कुबेरस्त्विडविडासुत: ।
रावण: कुम्भकर्णश्च तथान्यस्यां विभीषण: ॥ ३७ ॥ |
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| अनुवाद |
| विश्रवा की दो पत्नियाँ थीं। प्रथम पत्नी इडविडा थीं। उनसे समस्त यक्षों के स्वामी कुबेर का जन्म हुआ। दूसरी पत्नी का नाम केशिनी था। उनसे तीन पुत्रों का जन्म हुआ। वे थे रावण, कुम्भकर्ण और विभीषण। |
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| विश्रवा की दो पत्नियाँ थीं। प्रथम पत्नी इडविडा थीं। उनसे समस्त यक्षों के स्वामी कुबेर का जन्म हुआ। दूसरी पत्नी का नाम केशिनी था। उनसे तीन पुत्रों का जन्म हुआ। वे थे रावण, कुम्भकर्ण और विभीषण। |
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