श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 1: मनु की पुत्रियों की वंशावली  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.1.16 
विदुर उवाच
अत्रेर्गृहे सुरश्रेष्ठा: स्थित्युत्पत्त्यन्तहेतव: ।
किञ्चिच्चिकीर्षवो जाता एतदाख्याहि मे गुरो ॥ १६ ॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर विदुर ने मैत्रेय जी से प्रश्न किया : हे गुरुवर, सम्पूर्ण सृष्टि के सृजनकर्ता, पालनकर्ता और संहारकर्ता ब्रह्मा, विष्णु और शिव, अत्रि मुनि की पत्नी किस प्रकार संतान हुए?
 
Hearing this, Vidur asked Maitreya: O Guru, how were Brahma, Vishnu and Shiva, who are the creator, preserver and destroyer of the entire universe, born from the wife of Atri Muni?
तात्पर्य
विदुर की जिज्ञासा बिल्कुल सही थी, क्योंकि वे समझते थे कि जब अति सूक्ष्म आत्मा प्रभु ब्रह्मा और प्रभु शिव, अत्रि मुनि की पत्नी अनसूया के माध्यम से प्रकट हुए थे, तो कुछ महान उद्देश्य रहा होगा अन्यथा उन्होंने ऐसे मार्ग से प्रकट क्यों किया?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)