श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 28: भक्ति साधना के लिए कपिल के आदेश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.28.13 
प्रसन्नवदनाम्भोजं पद्मगर्भारुणेक्षणम् ।
नीलोत्पलदलश्यामं शङ्खचक्रगदाधरम् ॥ १३ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान का चेहरा खिले हुए कमल के समान है और उनकी लाल आँखें कमल के भीतरी भाग के समान हैं। उनका काला शरीर नीले कमल की पंखुड़ियों के समान है। वे अपने तीन हाथों में शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं।
 
भगवान का चेहरा खिले हुए कमल के समान है और उनकी लाल आँखें कमल के भीतरी भाग के समान हैं। उनका काला शरीर नीले कमल की पंखुड़ियों के समान है। वे अपने तीन हाथों में शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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