श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 24: कर्दम मुनि का वैराग्य  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.24.2 
ऋषिरुवाच
मा खिदो राजपुत्रीत्थमात्मानं प्रत्यनिन्दिते ।
भगवांस्तेऽक्षरो गर्भमदूरात्सम्प्रपत्स्यते ॥ २ ॥
 
 
अनुवाद
मुनि ने कहा—हे राजकुमारी, अपने आप को निराश मत करो। तुम वास्तव में प्रशंसनीय हो। अविनाशी परम पुरुषोत्तम भगवान शीघ्र ही तुम्हारे गर्भ में तुम्हारे पुत्र के रूप में प्रवेश करेंगे।
 
मुनि ने कहा—हे राजकुमारी, अपने आप को निराश मत करो। तुम वास्तव में प्रशंसनीय हो। अविनाशी परम पुरुषोत्तम भगवान शीघ्र ही तुम्हारे गर्भ में तुम्हारे पुत्र के रूप में प्रवेश करेंगे।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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