भगवान् वेद कालस्य गतिं भगवतो ननु ।
विश्वं विचक्षते धीरा योगराद्धेन चक्षुषा ॥ १७ ॥
अनुवाद
हे आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली व्यक्ति, आप उस सनातन काल की गतिविधियों को समझ सकते हैं, जो भगवान विष्णु का नियंत्रक स्वरूप है। एक आत्म-साक्षात्कारी व्यक्ति होने के नाते, आप योग शक्ति के द्वारा हर वस्तु को देख सकते हैं।
O spiritually powerful one, you can understand the movements of the eternal time, which is the controlling form of the Supreme Personality of Godhead. Since you are a self-realized person, you can see everything by the power of yogic vision.
तात्पर्य
वे लोग जो रहस्यमय शक्तियों के उच्चतम पूर्णता चरण को प्राप्त कर चुके हैं और भूत, वर्तमान और भविष्य की हर चीज को देख सकते हैं, उन्हें त्रि-काल-ज्ञ कहते हैं। इसी तरह, प्रभु के भक्त वे सब कुछ स्पष्ट रूप से देख सकते हैं जो प्रकट शास्त्रों में है। भगवान श्री कृष्ण के भक्त कृष्ण के विज्ञान, साथ ही भौतिक और आध्यात्मिक रचनाओं की स्थिति को बहुत आसानी से बिना किसी कठिनाई के समझ सकते हैं। भक्तों को किसी भी योग-सिद्धि, या रहस्यमय शक्तियों में पूर्णता के लिए प्रयास नहीं करना पड़ता है। वे सब कुछ समझने के लिए सक्षम हैं प्रभु की कृपा से, जो हर किसी के हृदय में विराजमान हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥