एक त्रुटी - 8/13,500 सेकंड
एक वेध - 8/135 सेकंड
एक लावा - 8/45 सेकंड
एक निमेष - 8/15 सेकंड
एकक्षण - 8/5 सेकंड
एक काष्ठ - 8 सेकंड
एक लघु - 2 मिनट
एक डंड - ३० मिनट
एक प्रहर - ३ घंटे
एक दिन - 12 घंटे
एक रात - 12 घंटे
एक पक्ष - 15 दिन
दो पक्ष मिलकर एक मास बनाते हैं, और बारह मास मिलकर एक कैलेंडर वर्ष या सूर्य की एक पूर्ण कक्षा बनाते हैं। एक मनुष्य के सौ वर्ष तक जीने की अपेक्षा की जाती है। यही शाश्वत समय के नियंत्रण उपाय का तरीका है।
ब्रह्म-संहिता (5.52) इस नियंत्रण की पुष्टि इस प्रकार करती है:
यच्-चक्षुर्-एष-सविता-सकल-ग्रहाणां
राजा-समस्त-सुर-मूर्तिर्-अशेष-तेजाह
यस्य-आज्ञया-भ्रमति-संभृत-काल-चक्रो
गोविंदम-आदि-पुरुषं-तम-अहम्-भजामि
"मैं गोविंद की पूजा करता हूं, आदिम प्रभु, परमेश्वर व्यक्तित्व, जिसके नियंत्रण में सूर्य भी है, जिसे प्रभु की आंख माना जाता है, शाश्वत समय की निश्चित कक्षा में घूमता है। सूर्य सभी ग्रह प्रणालियों का राजा है और उसके पास ऊष्मा और प्रकाश में असीमित शक्ति है।"
