ग्रहर्क्षताराचक्रस्थ: परमाण्वादिना जगत् ।
संवत्सरावसानेन पर्येत्यनिमिषो विभु: ॥ १३ ॥
अनुवाद
सम्पूर्ण ब्रह्मांड के महत्त्वपूर्ण नक्षत्र, ग्रह, तारे और परमाणु अपने-अपने नियत पथों पर परमेश्वर के प्रतिनिधि अनन्तकाल के अनुसार घूमते रहते हैं।
The influential constellations, planets, stars and atoms of the entire universe revolve in their respective orbits as per the instructions of the divine time, the representatives of Brahma.
तात्पर्य
ब्रह्म-संहिता में कहा गया है कि सूर्य परमेश्वर की आँख है और यह समय की अपनी विशेष कक्षा में घूमता है। इसी तरह, सूर्य से शुरू होकर परमाणु तक, सभी पिंड काल-चक्र या अनंत समय की कक्षा के प्रभाव में हैं और उनमें से प्रत्येक के पास एक संवत्सर का एक निर्धारित कक्षीय समय होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥