श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 2: ब्रह्माण्ड की अभिव्यक्ति  »  अध्याय 8: राजा परीक्षित द्वारा पूछे गये प्रश्न  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.8.29 
यद् यत् परीक्षिद‍ृषभ: पाण्डूनामनुपृच्छति ।
आनुपूर्व्येण तत्सर्वमाख्यातुमुपचक्रमे ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए स्वयं को तैयार किया। महाराज परीक्षित पाण्डु वंश में सबसे श्रेष्ठ थे, इसलिए वे सही व्यक्ति से सही प्रश्न पूछने में सक्षम हुए।
 
उन्होंने राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए स्वयं को तैयार किया। महाराज परीक्षित पाण्डु वंश में सबसे श्रेष्ठ थे, इसलिए वे सही व्यक्ति से सही प्रश्न पूछने में सक्षम हुए।
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दो के अंतर्गत आठवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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