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श्लोक 2.8.28  |
प्राह भागवतं नाम पुराणं ब्रह्मसम्मितम् ।
ब्रह्मणे भगवत्प्रोक्तं ब्रह्मकल्प उपागते ॥ २८ ॥ |
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| अनुवाद |
| उन्होंने महाराज परीक्षित के प्रश्नों का उत्तर यह कहकर प्रारम्भ किया कि इस तत्त्व ज्ञान को सर्वप्रथम स्वयं भगवान् ने ब्रह्मा से उनके जन्म के समय कहा था। उपवेद श्रीमद्भागवत वेदों का अनुकरण करता है। |
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| उन्होंने महाराज परीक्षित के प्रश्नों का उत्तर यह कहकर प्रारम्भ किया कि इस तत्त्व ज्ञान को सर्वप्रथम स्वयं भगवान् ने ब्रह्मा से उनके जन्म के समय कहा था। उपवेद श्रीमद्भागवत वेदों का अनुकरण करता है। |
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