श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 2: कलियुग के लक्षण  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  12.2.32 
यदा मघाभ्यो यास्यन्ति पूर्वाषाढां महर्षय: ।
तदा नन्दात् प्रभृत्येष कलिर्वृद्धिं गमिष्यति ॥ ३२ ॥
 
 
अनुवाद
जब सप्त ऋषि मघा नक्षत्र से चलकर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जाएंगे, तभी राजा नंद और उनके वंश के साथ कलयुग अपनी पूर्ण शक्ति से शुरू होगा।
 
When the Saptarishis move from Magha to Purvashada, Kali will be in its full power and it will start with King Nanda and his dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)