श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 6: यदुवंश का प्रभास गमन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  11.6.34 
श्रीभगवानुवाच
एते वै सुमहोत्पाता व्युत्तिष्ठन्तीह सर्वत: ।
शापश्च न: कुलस्यासीद् ब्राह्मणेभ्यो दुरत्यय: ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा: हमारे वंश को ब्राह्मणों ने श्राप दिया है। ऐसे श्राप का निवारण असंभव है और इसलिए हमारे चारों ओर महान उत्पात हो रहे हैं।
 
भगवान ने कहा: हमारे वंश को ब्राह्मणों ने श्राप दिया है। ऐसे श्राप का निवारण असंभव है और इसलिए हमारे चारों ओर महान उत्पात हो रहे हैं।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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