श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 6: यदुवंश का प्रभास गमन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  11.6.23 
अवतीर्य यदोर्वंशे बिभ्रद् रूपमनुत्तमम् ।
कर्माण्युद्दामवृत्तानि हिताय जगतोऽकृथा: ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
आपने यदुवंश में अवतार लेकर अपना अद्वितीय दिव्य स्वरूप धारण किया है और संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण हेतु आपने उदार दिव्य कृत्यों का निष्पादन किया है।
 
आपने यदुवंश में अवतार लेकर अपना अद्वितीय दिव्य स्वरूप धारण किया है और संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण हेतु आपने उदार दिव्य कृत्यों का निष्पादन किया है।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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