श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 6: यदुवंश का प्रभास गमन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  11.6.14 
नस्योतगाव इव यस्य वशे भवन्ति
ब्रह्मादयस्तनुभृतो मिथुरर्द्यमाना: ।
कालस्य ते प्रकृतिपूरुषयो: परस्य
शं नस्तनोतु चरण: पुरुषोत्तमस्य ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
आप परम पुरुषोत्तम भगवान हैं, वह दिव्य सत्ता हैं जो भौतिक प्रकृति और उसके उपभोक्ता दोनों से श्रेष्ठ हैं। आपके चरण कमल हमें दिव्य आनंद प्रदान करें। ब्रह्मा आदि सभी महान देवता देहधारी जीव हैं। आपके समय के अधीन एक-दूसरे से लड़ते-झगड़ते वे सब उन बैलों की तरह हैं, जिन्हें उनकी छेदी हुई नाक में पड़ी रस्सी (नथ) से खींचा जाता है।
 
आप परम पुरुषोत्तम भगवान हैं, वह दिव्य सत्ता हैं जो भौतिक प्रकृति और उसके उपभोक्ता दोनों से श्रेष्ठ हैं। आपके चरण कमल हमें दिव्य आनंद प्रदान करें। ब्रह्मा आदि सभी महान देवता देहधारी जीव हैं। आपके समय के अधीन एक-दूसरे से लड़ते-झगड़ते वे सब उन बैलों की तरह हैं, जिन्हें उनकी छेदी हुई नाक में पड़ी रस्सी (नथ) से खींचा जाता है।
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas