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श्लोक 28
श्लोक
11.27.28
नन्दं सुनन्दं गरुडं प्रचण्डं चण्डमेव च ।
महाबलं बलं चैव कुमुदं कमुदेक्षणम् ॥ २८ ॥
अनुवाद
मनुष्य को नंद और सुनंद, गरुड़, प्रचंड और चंड, महाबल और बल, कुमुद और कुमुदेक्षण, भगवान के इन संगियों की पूजा करनी चाहिए।
Man should worship the companions of God named Nand, Sunand, Garuda, Prachanda and Chand, Mahabal and Bal and Kumud and Kumudekshan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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