| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास » अध्याय 25: प्रकृति के तीन गुण तथा उनसे परे » श्लोक 30 |
|
| | | | श्लोक 11.25.30  | द्रव्यं देश: फलं कालो ज्ञानं कर्म च कारक: ।
श्रद्धावस्थाकृतिर्निष्ठा त्रैगुण्य: सर्व एव हि ॥ ३० ॥ | | | | | | अनुवाद | | अतः भौतिक पदार्थ, स्थान, कर्म का फल, समय, ज्ञान, कर्म, कर्ता, श्रद्धा, चेतना की अवस्था, जीव योनि और मृत्यु के पश्चात गंतव्य - ये सभी प्रकृति के तीनों गुणों पर आधारित हैं। | | | | अतः भौतिक पदार्थ, स्थान, कर्म का फल, समय, ज्ञान, कर्म, कर्ता, श्रद्धा, चेतना की अवस्था, जीव योनि और मृत्यु के पश्चात गंतव्य - ये सभी प्रकृति के तीनों गुणों पर आधारित हैं। | | ✨ ai-generated | | |
|
|