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श्लोक 11.16.39  |
सङ्ख्यानं परमाणूनां कालेन क्रियते मया ।
न तथा मे विभूतीनां सृजतोऽण्डानि कोटिश: ॥ ३९ ॥ |
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| अनुवाद |
| भले ही मैं बहुत समय लगाकर भी ब्रह्माण्ड के समस्त अणुओं की गणना कर लूँ, तब भी मैं उन अपने उन सभी ऐश्वर्यों की गणना नहीं कर पाऊँगा जिनका प्रदर्शन मैंने असंख्य ब्रह्माण्डों में किया है। |
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| भले ही मैं बहुत समय लगाकर भी ब्रह्माण्ड के समस्त अणुओं की गणना कर लूँ, तब भी मैं उन अपने उन सभी ऐश्वर्यों की गणना नहीं कर पाऊँगा जिनका प्रदर्शन मैंने असंख्य ब्रह्माण्डों में किया है। |
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