श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 16: भगवान् की विभूतियाँ  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  11.16.26 
धर्माणामस्मि संन्यास: क्षेमाणामबहिर्मति: ।
गुह्यानां सुनृतं मौनं मिथुनानामजस्त्वहम् ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
धार्मिक सिद्धांतों में मैं त्याग हूँ और सुरक्षा में मैं अंतर्निहित सनातन आत्मा की चेतना हूँ। रहस्यों में मैं मधुर वाणी और मौन हूँ, और जोड़े में मैं ब्रह्मा हूँ।
 
धार्मिक सिद्धांतों में मैं त्याग हूँ और सुरक्षा में मैं अंतर्निहित सनातन आत्मा की चेतना हूँ। रहस्यों में मैं मधुर वाणी और मौन हूँ, और जोड़े में मैं ब्रह्मा हूँ।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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