श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 16: भगवान् की विभूतियाँ  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  11.16.25 
स्‍त्रीणां तु शतरूपाहं पुंसां स्वायम्भुवो मनु: ।
नारायणो मुनीनां च कुमारो ब्रह्मचारिणाम् ॥ २५ ॥
 
 
अनुवाद
स्त्रियों में मैं शतरूपा हूँ और पुरुषों में उसका पति स्वयंभू मनु हूँ। ऋषियों में मैं नारायण हूँ और ब्रह्मचारियों में सनत्कुमार हूँ।
 
स्त्रियों में मैं शतरूपा हूँ और पुरुषों में उसका पति स्वयंभू मनु हूँ। ऋषियों में मैं नारायण हूँ और ब्रह्मचारियों में सनत्कुमार हूँ।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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