श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 13: हंसावतार द्वारा ब्रह्मा-पुत्रों के प्रश्नों के उत्तर  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  11.13.8 
श्रीउद्धव उवाच
विदन्ति मर्त्या: प्रायेण विषयान् पदमापदाम् ।
तथापि भुञ्जते कृष्ण तत्कथं श्वखराजवत् ॥ ८ ॥
 
 
अनुवाद
श्री उद्धव ने कहा : हे कृष्ण, सामान्यतः मनुष्य यह समझते हैं कि भौतिक जीवन भविष्य में बहुत दुःख देता है, फिर भी, वे भौतिक जीवन का भोग करना चाहते हैं। हे प्रभु, यह जानते हुए भी, वे कुत्ता, गधा या बकरी की भाँति आचरण कैसे करते हैं।
 
श्री उद्धव ने कहा : हे कृष्ण, सामान्यतः मनुष्य यह समझते हैं कि भौतिक जीवन भविष्य में बहुत दुःख देता है, फिर भी, वे भौतिक जीवन का भोग करना चाहते हैं। हे प्रभु, यह जानते हुए भी, वे कुत्ता, गधा या बकरी की भाँति आचरण कैसे करते हैं।
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd