Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.89.60-61: सर्वोच्च लोक के ईश्वर के ऐसे आदेश को पाकर, कृष्ण और अर्जुन ने "ॐ" का उच्चारण कर अपनी स्वीकृति दी और फिर सर्वशक्तिमान भगवान महाविष्णु को प्रणाम किया। ब्राह्मण के पुत्रों को अपने साथ लेकर, वे उसी मार्ग से द्वारका लौट आए, जिससे होकर वे आए थे। वहाँ उन्होंने ब्राह्मण को उसके पुत्र सौंप दिए, जो उसी शैशव शरीर में थे, जिसमें वे खो गए थे। | bhagavat अध्याय 10.89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वोच्च लोक के ईश्वर के ऐसे आदेश को पाकर, कृष्ण और अर्जुन ने "ॐ" का उच्चारण कर अपनी स्वीकृति दी और फिर सर्वशक्तिमान भगवान महाविष्णु को प्रणाम किया। ब्राह्मण के पुत्रों को अपने साथ लेकर, वे उसी मार्ग से द्वारका लौट आए, जिससे होकर वे आए थे। वहाँ उन्होंने ब्राह्मण को उसके पुत्र सौंप दिए, जो उसी शैशव शरीर में थे, जिसमें वे खो गए थे।
Thus commanded by the Supreme Lord of the Supreme Realm, Krishna and Arjuna expressed their consent by uttering Om and then bowed down to the Almighty Mahavishnu. Taking with them the sons of the Brahmana, they returned very happily to Dwaraka by the same route by which they had come. There they handed over to the Brahmana his sons, who were in the same infant form in which they had been lost.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥