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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ
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अध्याय 89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का
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श्लोक 39
श्लोक
10.89.39
तदाह विप्रो विजयं विनिन्दन् कृष्णसन्निधौ ।
मौढ्यं पश्यत मे योऽहं श्रद्दधे क्लीबकत्थनम् ॥ ३९ ॥
अनुवाद
तब उस ब्राह्मण ने भगवान् श्री कृष्ण जी की उपस्थिति में अर्जुन का मज़ाक उड़ाया, "अरे देखो मैं कितना मूर्ख हूँ कि मैंने इस घमंडी नपुंसक पर भरोसा किया!"
Then the brahmin ridiculed Arjuna in the presence of Lord Krishna, “Just see how foolish I am to have believed this boastful eunuch.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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