श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  10.89.38 
तत: कुमार: सञ्जातो विप्रपत्न्‍या रुदन्मुहु: ।
सद्योऽदर्शनमापेदे सशरीरो विहायसा ॥ ३८ ॥
 
 
अनुवाद
तब ब्राह्मण की पत्नी ने बालक को जन्म दिया। वह नवजात शिशु कुछ समय तक रोता रहा, लेकिन अचानक वह अपने शरीर के साथ ही आकाश में अदृश्य हो गया।
 
Then the Brahmin's wife gave birth to a child. The new born baby kept crying for some time but suddenly he disappeared in the sky with his body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)