श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 86: अर्जुन द्वारा सुभद्रा-हरण तथा कृष्ण द्वारा अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  10.86.12 
प्राहिणोत् पारिबर्हाणि वरवध्वोर्मुदा बल: ।
महाधनोपस्करेभरथाश्वनरयोषित: ॥ १२ ॥
 
 
अनुवाद
तब बलराम जी ने हर्षित होकर वर-वधू को हाथी, रथ, घोड़े और दासी-दासों सहित अत्यंत मूल्यवान दहेज की वस्तुएँ भेंट स्वरूप भेजीं।
 
Balarama then joyfully sent to the bride and groom very valuable dowry items, which included elephants, chariots, horses, and slaves and maids.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)