Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.81.29-32: सुदामा के घर में दूध के झाग जैसी कोमल और सफेद चारपाइयाँ थीं, जिनके पाए हाथीदांत से बने और सोने से सजे हुए थे। वहाँ स्वर्णिम पैरों वाले सोफ़े भी थे, साथ ही राजसी चँवर पंखे, सोने के सिंहासन, मुलायम गद्दे और मोतियों की लड़ियों से लटके हुए चमचमाते छत्र भी थे। जगमगाते क्रिस्टल ग्लास की दीवारों पर बहुमूल्य पन्ने जड़े हुए थे और रत्नों से सजे हुए दीये चमक रहे थे। उस महल की सभी महिलाएँ बहुमूल्य रत्नों से सुशोभित थीं। जब उस ब्राह्मण ने इस तरह का विलासपूर्ण वैभव देखा, तो उसने शांति से इस अप्रत्याशित समृद्धि के बारे में अपने मन में तर्क किया। | bhagavat अध्याय 10.81: भगवान् द्वारा सुदामा ब्राह्मण को वरदान । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पय:फेननिभा: शय्या दान्ता रुक्मपरिच्छदा: ।
पर्यङ्का हेमदण्डानि चामरव्यजनानि च ॥ २९ ॥
आसनानि च हैमानि मृदूपस्तरणानि च ।
मुक्तादामविलम्बीनि वितानानि द्युमन्ति च ॥ ३० ॥
स्वच्छस्फटिककुड्येषु महामारकतेषु च ।
रत्नदीपान् भ्राजमानान् ललनारत्नसंयुता: ॥ ३१ ॥
विलोक्य ब्राह्मणस्तत्र समृद्धी: सर्वसम्पदाम् ।
तर्कयामास निर्व्यग्र: स्वसमृद्धिमहैतुकीम् ॥ ३२ ॥
अनुवाद
सुदामा के घर में दूध के झाग जैसी कोमल और सफेद चारपाइयाँ थीं, जिनके पाए हाथीदांत से बने और सोने से सजे हुए थे। वहाँ स्वर्णिम पैरों वाले सोफ़े भी थे, साथ ही राजसी चँवर पंखे, सोने के सिंहासन, मुलायम गद्दे और मोतियों की लड़ियों से लटके हुए चमचमाते छत्र भी थे। जगमगाते क्रिस्टल ग्लास की दीवारों पर बहुमूल्य पन्ने जड़े हुए थे और रत्नों से सजे हुए दीये चमक रहे थे। उस महल की सभी महिलाएँ बहुमूल्य रत्नों से सुशोभित थीं। जब उस ब्राह्मण ने इस तरह का विलासपूर्ण वैभव देखा, तो उसने शांति से इस अप्रत्याशित समृद्धि के बारे में अपने मन में तर्क किया।
Sudama's house had soft and white beds like milk foam, whose legs were made of ivory and were decorated with gold. There were some sofas also, whose legs were made of gold. There were also royal fans, golden thrones, soft mattresses and shining chandeliers hanging from pearl strings. The shining crystal walls were studded with precious emeralds and jeweled lamps were shining. All the women of that palace were decorated with precious gems. When that Brahmin saw all kinds of luxurious wealth, he calmly reasoned in his mind about this sudden prosperity.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥