vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् भागवतम
»
स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ
»
अध्याय 80: द्वारका में भगवान् श्रीकृष्ण से ब्राह्मण सुदामा की भेंट
»
श्लोक 39
श्लोक
10.80.39
एतद् विदित्वा उदिते रवौ सान्दीपनिर्गुरु: ।
अन्वेषमाणो न: शिष्यानाचार्योऽपश्यदातुरान् ॥ ३९ ॥
अनुवाद
हमारे गुरु सान्दीपनि, हमारी मुश्किल स्थिति को समझते हुए, सूर्योदय होते ही हम शिष्यों की तलाश में निकल पडे और हमें परेशानी में पाया।
हमारे गुरु सान्दीपनि, हमारी मुश्किल स्थिति को समझते हुए, सूर्योदय होते ही हम शिष्यों की तलाश में निकल पडे और हमें परेशानी में पाया।
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas