ऋषय ऊचु:
इल्वलस्य सुतो घोरो बल्वलो नाम दानव: ।
स दूषयति न: सत्रमेत्य पर्वणि पर्वणि ॥ ३८ ॥
अनुवाद
ऋषियों ने कहा : इल्वल के पुत्र बल्वल नाम का एक भयंकर असुर हर प्रतिपदा को, यानी शुक्ल पक्ष के पहले दिन, यहाँ आता है और हमारे यज्ञ को दूषित कर देता है।
The sages said: A fearsome demon named Balval, the son of Ilval, comes here every Pratipada, i.e., the first day of the Shukla Paksha, and contaminates our yajna.
तात्पर्य
सबसे पहले ऋषि गण भगवान बलराम जी से प्रार्थना करते हैं कि वह किस दया को उन पर करें।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥