Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.74.54: जो व्यक्ति शिशुपाल का वध, राजाओं को मुक्त कराना और राजसूय यज्ञ के निष्पादन सहित भगवान विष्णु के इन कार्यों का पाठ करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। | bhagavat अध्याय 10.74: राजसूय यज्ञ में शिशुपाल का उद्धार । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति शिशुपाल का वध, राजाओं को मुक्त कराना और राजसूय यज्ञ के निष्पादन सहित भगवान विष्णु के इन कार्यों का पाठ करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।
One who narrates these activities of Lord Viṣṇu, including the killing of Sisupala, the release of the kings and the performance of the Rājasuya sacrifice, becomes free from all sins.
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दस के अंतर्गत चौहत्तर अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥