Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.74.31: [शिशुपाल ने कहा] : वेदों का यह कथन कि समय ही सबका अनिवार्य नियंत्रक है निस्संदेह सत्य सिद्ध हुआ है, क्योंकि बुद्धिमान गुरुजनों की बुद्धि अब एक मात्र बालक के शब्दों से चकरा गई है। | bhagavat अध्याय 10.74: राजसूय यज्ञ में शिशुपाल का उद्धार । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईशो दुरत्यय: काल इति सत्यवती श्रुति: ।
वृद्धानामपि यद् बुद्धिर्बालवाक्यैर्विभिद्यते ॥ ३१ ॥
अनुवाद
[शिशुपाल ने कहा] : वेदों का यह कथन कि समय ही सबका अनिवार्य नियंत्रक है निस्संदेह सत्य सिद्ध हुआ है, क्योंकि बुद्धिमान गुरुजनों की बुद्धि अब एक मात्र बालक के शब्दों से चकरा गई है।
[Sisupal said]: The statement of the Vedas that Time is the inevitable God of all has been proved to be undoubtedly true, because the intellect of the wise teachers is now baffled by the words of a mere child.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥