मृगतृष्णां यथा बाला मन्यन्त उदकाशयम् ।
एवं वैकारिकीं मायामयुक्ता वस्तु चक्षते ॥ ११ ॥
अनुवाद
जिस प्रकार मरूस्थल में मृगतृष्णा को देखकर बाल बुद्धि वाले लोग उसे एक जलाशय के रूप में मान लेते हैं, उसी प्रकार जो व्यक्ति अविवेकी होते हैं, वे माया के विकारों को वास्तविक मान लेते हैं।
Just as childish people mistake a mirage in the desert for a reservoir of water, so those who are ignorant consider the distortions of Maya to be real.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥