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bhagavat 10.72.42: इस संकेत को समझकर, वीरों में सबसे श्रेष्ठ उस पराक्रमी भीम ने अपने विपक्षी के पैर पकड़कर धराशायी कर दिया।   |   bhagavat अध्याय 10.72: जरासन्ध असुर का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 72: जरासन्ध असुर का वध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  10.72.42 
तद् विज्ञाय महासत्त्वो भीम: प्रहरतां वर: ।
गृहीत्वा पादयो: शत्रुं पातयामास भूतले ॥ ४२ ॥
 
 
अनुवाद
इस संकेत को समझकर, वीरों में सबसे श्रेष्ठ उस पराक्रमी भीम ने अपने विपक्षी के पैर पकड़कर धराशायी कर दिया।
 
Understanding this signal, that mighty Bhima, that best of warriors, caught hold of his opponent's legs and threw him to the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)