श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 71: भगवान् की इन्द्रप्रस्थ यात्रा  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  10.71.5 
स वै दुर्विषहो राजा नागायुतसमो बले ।
बलिनामपि चान्येषां भीमं समबलं विना ॥ ५ ॥
 
 
अनुवाद
दुर्जेय सम्राट जरासन्ध दस हजार हाथियों के बराबर ताकतवर हैं। निस्संदेह, अन्य शक्तिशाली योद्धा उसे हरा नहीं सकते। केवल भीम ही शक्ति में उसके बराबर हैं।
 
The formidable Jarasandha is as strong as ten thousand elephants. No other powerful warrior can defeat him. Only Bhima is equal to him in strength.
तात्पर्य
श्रीधर स्वामी बताते हैं कि यादव जरासंध को मारने के लिए बेहद उत्सुक थे, और इस प्रकार उन्हें सावधान करने के लिए श्री उद्धव ने यह श्लोक बोला। जरासंध की मृत्यु केवल भीम के हाथों हो सकती थी। श्रील विष्णुनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि उद्धव ने पहले ज्योतिर-राग और अन्य ज्योतिषीय शास्त्रों से यह अनुमान लगाया था जो उन्होंने अपने गुरु बृहस्पति से सीखे थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)