Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.71.35: चंद्रमा के साथ सितारों जैसे मुकुंद की पत्नियों को सड़क पर गुजरते देखकर स्त्रियाँ जोर-जोर से चिल्ला उठीं, "इन स्त्रियों ने कैसा पुण्य किया है कि श्रेष्ठतम पुरुष अपनी दयालु मुस्कान और चंचल भौंहों द्वारा उनकी आंखों को आनंदित कर रहे हैं?" | bhagavat अध्याय 10.71: भगवान् की इन्द्रप्रस्थ यात्रा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चंद्रमा के साथ सितारों जैसे मुकुंद की पत्नियों को सड़क पर गुजरते देखकर स्त्रियाँ जोर-जोर से चिल्ला उठीं, "इन स्त्रियों ने कैसा पुण्य किया है कि श्रेष्ठतम पुरुष अपनी दयालु मुस्कान और चंचल भौंहों द्वारा उनकी आंखों को आनंदित कर रहे हैं?"
Seeing Mukunda's wives passing on the road like stars with the moon, the women cried out, "What deed have these women done, that the best of men is pleasing their eyes with his generous smile and playful long glances?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥